|
Written by Ashwani Kumar Nigam
|
|
Wednesday, 22 September 2010 23:05 |
JAMSHEDPUR (20 Sept) : अपनी सिटी में दहेज हत्या या दहेज प्रताड़ना के मामले आए दिन सामने आते हैं. ज्यादातर मामलों में हसबैंड या उसके घरवालों को ही दोषी ठहराकर उनके खिलाफ केस फाइल कर दिया जाता है. लेकिन उनमें से कई ऐसे भी मामले होते हैं, जिनमें बिना आरोपी पक्ष की सुने ही पुलिस उनके खिलाफ एक्शन ले लेती है. यानी दहेज प्रताड़ना एक्ट 498-ए का मिसयूज होता है. सिटी में इसी का एग्जाम्पल हैं राम दास भट्ठा पंजाबी लाइन निवासी हरप्रीत सिंह. दो सितंबर को उनकी फैमिली मेंबर्स के साथ बस्ती वाले पहुंचे थे सिटी एसपी के पास. उनका कहना था कि हरप्रीत सिंह की वाइफ जसप्रीत सैनी ने दहेज प्रताड़ना का झूठा आरोप लगाकर उसे फंसाया है. इस कारण पुलिस उसे अरेस्ट कर अपने साथ ले गई. हरप्रीत की मां का कहना था कि नवंबर 2008 में हरप्रीत व जसप्रीत की शादी हुई थी. उन्होंने अपनी बहू को बेटी की तरह रखा था, उसकी हर छोटी-बड़ी जरूरतों का ख्याल रखा जाता था, लेकिन उनकी बहू ने इसका उल्टा सिला दिया. उनका कहना था कि जसप्रीत का किसी के साथ अफेयर था, इसी का पता जब परिवारवालों को चला, तो उसने दहेज प्रताड़ना के खिलाफ बने एक्ट को ब्रह्मंास्त्र के रूप में इस्तेमाल किया और अपने हसबैंड हरप्रीत के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया. हरप्रीत जेल चले गए. हालांकि इस मामले में 11 दिन बाद हरप्रीत जेल से आजाद हो गए, लेकिन अब भी उनके चेहरे से उन 11 दिनों की दर्दनाक दास्तां झलकती है. वह चुपचाप हैं और कुछ भी पूछने पर उन दिनों को याद कर उनकी आंखों में आंसू डबडबा जाते हैं.

|