हिंदी ख़बरें
रिश्तों का कातिल बना दहेज उत्पीड़न कानून PDF Print E-mail
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Written by विनय शौरी   
Thursday, 22 July 2010 08:45
Law

पटियाला : भारतीय दंड संहिता(भादंसं) की सभी धाराओं को कानून बनाने वालों ने इस कदर एक सूत्र में पिरोया था कि कोई भी सामाजिक प्राणी न्याय से अछूता न रह सके, लेकिन कानून की कुछ धाराओं को पुलिस के माध्यम से इस तरह से प्रयोग किया जा रहा है कि उससे भ्रष्टाचार तो बढ़ ही रहा है, साथ में रिश्तों की महत्ता भी कम होती जा रही है। कुछ समय पहले तक लड़की को ससुराल परिवार में सताने के अनेक मामले कानून के रखवालों के सामने आए होंगे, लेकिन समय की रफ्तार ने इन सब मामलों के ग्राफ को पीछे छोड़ लड़कों और उनके परिवार पर दहेज उत्पीड़न का हथियार चलाकर रिश्तों की गरमाहट को खत्म कर दिया है।

 
दहेज लेने पर जुर्म देने पर क्यों नहीं PDF Print E-mail
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Written by कोमल धनेसर   
Thursday, 13 May 2010 09:04

भिलाई: अपनी बहू से दहेज मांगने वालों की थानों में लिस्ट काफी लंबी है पर अपनी बेटी-दामाद को दहेज देने वाला परिवार एक भी नहीं है। राज्य भर से मिले आंकड़ों से यह बात साबित होती है कि दहेज प्रतिषेध अधिनियम में एक तरफा कारवाई हो रही है।

 
मुझे मेरी बीवी से बचाओ PDF Print E-mail
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Written by नवभारत टाइम्स   
Friday, 16 April 2010 17:19
ग्रेटर नोएडा।। बीटा-1 सेक्टर में रहने वाले एक पति ने पत्नी के उत्पीड़न से बचाने के लिए पुलिस से गुहार लगाई है। इस मामले में महिला संग ठन भी पुरुष के पक्ष में आ खड़ा हुआ है। कासना पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बीटा-1 सेक्टर के सी ब्लॉक में रहने वाले प्रवीण कुमार (सभी नाम काल्पनिक) की शादी चार साल पहले अनीता से हुई थी। उनके 2 बच्चे हैं। अनीता का आरोप है कि प्रवीण उनके साथ मारपीट करता है। उसके दूसरी लड़की से अवैध संबंध हैं।
 
सूइसाइड की धमकी भी तलाक का आधार PDF Print E-mail
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Written by PTI   
Friday, 12 February 2010 11:25

मुंबई।। बार-बार आत्महत्या की कोशिश करना या ऐसा करने की धमकी देना भी 'क्रूरता' के समान है और इसे तलाक हासिल करने की एक ठोस वजह माना जा सकता है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने यह व्यवस्था दी है।

हाई कोर्ट ने पारिवारिक अदालत के एक फैसले के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए यह व्यवस्था दी। पुणे की पारिवारिक अदालत ने वर्षा और प्रकाश (दोनों नाम बदले हुए) के बीच तलाक की मंजूरी दी थी। पति प्रकाश ने 2002 में पारिवारिक अदालत में तलाक की अर्जी दी थी। लेकिन पारिवारिक अदालत के फैसले के खिलाफ वर्षा ने अपील की। दोनों पिछले 17 साल से अलग रह रहे हैं।

 
रक्षा कवच बना प्रतिशोध का अस्त्र PDF Print E-mail
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Written by सुभाष मिश्र   
Tuesday, 15 June 2010 14:57

pdficon

 
बीवी से परेशान युवक ने की खुदकुशी PDF Print E-mail
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Written by Navbharat Times   
Tuesday, 04 May 2010 11:07

नई दिल्ली ।। करावल नगर में एक युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। विजय (26) नाम के इस शख्स ने स्यूसाइड नोट में लिखा है कि वह अपनी पत्नी से दुखी होकर खुदकुशी कर रहा है। वहीं, खजूरी खास में भी एक नवविवाहिता ने आत्महत्या कर ली। अंकुर उर्फ गुड्डी (21) नाम की इस युवती की मौत के मामले में एसडीएम जांच कर रहे हैं।

 
दहेज देने वाले भी रहें खबरदार PDF Print E-mail
( 9 Votes )
Written by राजेश चौधरी   
Monday, 01 March 2010 17:16

नई दिल्ली।। दहेज निरोधक कानून का इस्तेमाल कम होने के कारण ही दहेज से संबंधित मामलों में बढ़ोतरी हुई है। जानकारों का कहना है कि अगर 1961 में बना दहेज निरोधक कानून का सही तरीके से पालन किया जाए तो दहेज जैसी कुरीतियों पर काफी हद तक अंकुश लगेगा क्योंकि इस कानून के तहत न सिर्फ दहेज लेना जुर्म है बल्कि दहेज देना भी जुर्म है।

समाज में दहेज जैसी कुरीति को खत्म करने के लिए 1961 में कानून बनाया गया। हालांकि बाद में आईपीसी में संशोधन कर धारा-498 ए बनाया गया जिसके तहत पत्नी को प्रताडि़त करने के मामले में सजा का प्रावधान किया गया। साथ ही लड़की का स्त्रीधन रखने के मामले में अमानत में खयानत का केस दर्ज करने का प्रावधान है।

 
झूठी FIR लिखाई तो 10 साल की सजा! PDF Print E-mail
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Written by भाषा   
Wednesday, 30 December 2009 16:23

नई दिल्ली ।। पुलिस थाने में झूठी एफआईआर दर्ज कराने वाले व्यक्ति को 10 साल तक की जेल की सजा दिलाने के लिए सरकार आईपीसी में संशोधन पर विचार कर रही है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सरकार को उम्मीद है कि रंजिश या निहित स्वार्थों के कारण किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले व्यक्ति को इस प्रावधान का डर रहेगा।

सरकार के इस प्रस्तावित कदम का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि हाल ही में गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि शिकायतों को एफआईआर की तरह समझा जाए।

 
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